प्रo - मोशी अभियान सामाजिक आंदोलन है या राजनीतिक?

उo – राजनीतिक ढांचा सामाजिक ढांचे का प्रतिबिम्ब होता है और इसे समाज के सहयोग के रूप में काम करना चाहिए। किन्तु यदि किसी समाज की मूलभूत चुनौतियाँ लम्बे समय से हल ना हो पा रही हों तो समाज को स्वयं की समीक्षा करनी चाहिए और सामूहिक रूप से सभी चुनौतियों का हल निकालना चाहिए। यदि कोई सामाजिक चुनौती लम्बे समय से हल ना हो पा रही हो तो ये मान लेना चाहिए कि इसका हल सामाजिक हस्तक्षेप के बिना कदापि भी संभव नहीं है। भारत का लोकतंत्र आज हमारे प्रत्यक्ष सामजिक सहयोग से उन नाज़ुक चुनौतियों का हल चाहता है। इसके लिए एक माध्यम और कार्यप्रणाली का मज़बूत ढांचा प्रदान किया जा रहा है। भारत का ये लोकतांत्रिक प्रयोग संपूर्ण विश्व को लोकतंत्र की नई परिभाषा देने को तत्पर है। ये राजनीतिक प्रयोग जनता के द्वारा जनता के लिए है जो कि हमारे राजनीतिक ढांचे को सामजिक नेताओं की एक नई खेप के माध्यम से सहयोग करने को आतुर है।

Q. Why is this digital platform for voters, when we don’t need it?

Ans. The platform is the result of different formal and informal talks that take place every day, in the country, concerning different basic problems; we’ve been living with, for the last 7 decades. This is enough as evidence defining a critical need for people to step up together, for taking responsibilities in hands for thinking of different creative solutions and processes for implementing solutions. We, a small group, who decided to conceptualize this work model, used to shy away from taking in any responsibility by giving an excuse of having any model around to participate. Now we all have one…!

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